View as
बात है दृष्टिकोण की (Baat Hai Drishtikon Ki) 00:32:40 बात है दृष्टिकोण की (Baat Hai Drishtikon Ki) Audio Duration : 00:32:40 आप किसको प्यार करें और कैसे प्यार करें यह आपके ऊपर निर्भर है — दिल से प्यार करें...

एक झलक:

एक जगह है, जहां असली रोशनी है और वह आपके अंदर है। और जबतक आप उसको नहीं जानोगे, तबतक आप अपने आपको नहीं पहचानोगे, क्योंकि आपका स्वरूप और कुछ नहीं, वो है! और जबतक अपने आपको नहीं जानोगे, आपके जीवन के अंदर शांति हो ही नहीं सकती।

"पीस एम्बेसडर" कहा था मेरे को, मेरे ख्याल से किसी ने। 

पीस एम्बेसडर, पीस एम्बेसडर, पीस एम्बेसडर — पता नहीं क्या पीस एम्बेसडर ?

एक बार मैं था रेडक्रॉस ब्लड डोनर्स ड्राईव, इटली में — मैंने कहा कि सभी लोगों को "पीस एम्बेसडर" होना चाहिए। सभी लोगों को! शांति की बात करता हूं मैं, परंतु शांति तब तक संभव नहीं होगी, जबतक तुम अपने आपको नहीं पहचानोगे। हो ही नहीं सकती।

जब तक ये नहीं जानोगे कि शांति तुम्हारी चाह नहीं है, तुम्हारी जरूरत है।

- प्रेम रावत, बैंगलूरु, कर्नाटक 

आपकी असली प्रकृति (Aapki Asli Prakriti) वीडियो 00:35:00 आपकी असली प्रकृति (Aapki Asli Prakriti) वीडियो Video Duration : 00:35:00 आनंद लेना तुम्हारी प्रकृति है प्रेम करना तुम्हारी प्रकृति है

भूले मन समझ के लाद लदनियां।

थोड़ा लाद, बहुत मत लादे, टूट जाए तेरी गरदनियां।।

आनंद लेना शुरू करो अपने जीवन का। और लालच तुम्हारा जाएगा, गर्दन तुम्हारी बच जाएगी। टूटेगी नहीं और तुमको दुःखी नहीं होना पड़ेगा। और उस सुख में, उस आनंद में रह करके यह जीवन तुम बिता सकते हो।

- प्रेम रावत: बरैली, भारत

आपकी असली प्रकृति (Aapki Asli Prakriti) ऑडियो 00:24:00 आपकी असली प्रकृति (Aapki Asli Prakriti) ऑडियो Audio Duration : 00:24:00 आनंद लेना तुम्हारी प्रकृति है प्रेम करना तुम्हारी प्रकृति है

भूले मन समझ के लाद लदनियां।

थोड़ा लाद, बहुत मत लादे, टूट जाए तेरी गरदनियां।।

आनंद लेना शुरू करो अपने जीवन का। और लालच तुम्हारा जाएगा, गर्दन तुम्हारी बच जाएगी। टूटेगी नहीं और तुमको दुःखी नहीं होना पड़ेगा। और उस सुख में, उस आनंद में रह करके यह जीवन तुम बिता सकते हो।

- प्रेम रावत: बरैली, भारत

संवाद: 94.3 रेडियो वन के साथ 00:29:58 संवाद: 94.3 रेडियो वन के साथ Video Duration : 00:29:58 जीवन में हृदय का भी मुनाफा हो — आनंद का, सुख का, चैन का और शांति का!

ऐंकर मीनल : प्रेम जी! मुझे बताइए! एक इंसान अपनी जिंदगी में पीस कैसे प्राप्त कर सकता है ?

प्रेम रावत जी : सबसे बड़ी बात यही है कि हम जब शांति के बारे में सोचते हैं तो हम यही सोचते हैं कि कहीं और से आएगी हमको प्राप्त करना है।

ऐंकर मीनल : जी!

प्रेम रावत जी : सबसे बड़ी बात तो यह है और यही लोगों को बड़ी अचम्भे की बात भी लगती है, जब मैं लोगों से ये कहता हूं कि शांति तो पहले से ही आपके अंदर है। आपको कहीं खोजने की जरूरत नहीं है। आपको अपने आपको पहचानने की जरूरत है कि आप हैं कौन ?

"सॉक्रटीज़ ने कहा था कि — Know thyself." आज उसका मायने क्या है ?

आज मनुष्य हर एक चीज को जानने की कोशिश करता है, पर अपने आपको जानने की कोशिश नहीं कर रहा है। उसके सर्कल में बहुत सारे फ्रैण्ड्स हैं, ट्विटर में हैं, फेसबुक में हैं, व्हाट्सअप में हैं, परंतु उसमें क्या ऐसा भी कुछ है कि जिसमें वो इन्क्लुडेड है ? और अपने आपको समझने की कोशिश कर रहा है, अपने आपको जानने की कोशिश कर रहा है। अगर मनुष्य अपने आपको जानने की कोशिश करे तो उसको शांति अपने ही अंदर मिलेगी।

संवाद: 94.3 रेडियो वन के साथ 00:29:58 संवाद: 94.3 रेडियो वन के साथ Audio Duration : 00:29:58 जीवन में हृदय का भी मुनाफा हो — आनंद का, सुख का, चैन का और शांति का!

ऐंकर मीनल : प्रेम जी! मुझे बताइए! एक इंसान अपनी जिंदगी में पीस कैसे प्राप्त कर सकता है ?

प्रेम रावत जी : सबसे बड़ी बात यही है कि हम जब शांति के बारे में सोचते हैं तो हम यही सोचते हैं कि कहीं और से आएगी हमको प्राप्त करना है।

ऐंकर मीनल : जी!

प्रेम रावत जी : सबसे बड़ी बात तो यह है और यही लोगों को बड़ी अचम्भे की बात भी लगती है, जब मैं लोगों से ये कहता हूं कि शांति तो पहले से ही आपके अंदर है। आपको कहीं खोजने की जरूरत नहीं है। आपको अपने आपको पहचानने की जरूरत है कि आप हैं कौन ?

"सॉक्रटीज़ ने कहा था कि — Know thyself." आज उसका मायने क्या है ?

आज मनुष्य हर एक चीज को जानने की कोशिश करता है, पर अपने आपको जानने की कोशिश नहीं कर रहा है। उसके सर्कल में बहुत सारे फ्रैण्ड्स हैं, ट्विटर में हैं, फेसबुक में हैं, व्हाट्सअप में हैं, परंतु उसमें क्या ऐसा भी कुछ है कि जिसमें वो इन्क्लुडेड है ? और अपने आपको समझने की कोशिश कर रहा है, अपने आपको जानने की कोशिश कर रहा है। अगर मनुष्य अपने आपको जानने की कोशिश करे तो उसको शांति अपने ही अंदर मिलेगी।

सुख का स्रोत (Sukh ka Shrot) ऑडियो 00:37:53 सुख का स्रोत (Sukh ka Shrot) ऑडियो Audio Duration : 00:37:53 सुख में न होना ही मनुष्य के लिए दुःख है।

कितना घमण्ड करता है मनुष्य! मैं देखता हूं अपने जीवन के अंदर। मैं बहुत जगह जाता हूं। जहां देखता हूं — किसी को किसी चीज का घमण्ड है, किसी को किसी चीज का घमण्ड है, किसी को किसी चीज का घमण्ड है, किसी को किसी चीज का घमण्ड है।

कोई अपनी पढ़ाई पर घमण्ड करता है, कोई अपने नाम पर घमण्ड करता है, कोई अपनी दौलत पर घमण्ड करता है। जो-जो मनुष्य ने हासिल किया, उस पर घमण्ड करता है। परंतु ये इसलिए घमण्ड करता है, क्योंकि उसको याद नहीं है कि एक दिन उसको जाना है और जिस दिन उसको यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि जाना है, तो घमण्ड करने का फायदा क्या?

- प्रेम रावत

Log In
Create Account
Forgot Password
Forgot Password?
OR
Don’t have an account? Create Account
Hide

I have read the Privacy Policy and agree.

Have an account? Log In

Forgot Password?

Let us know your email address and we will send you a password reset link.

Please enter the first name. Please enter the last name. Please enter an email address. Please enter a valid email address. Please enter a password. Passwords must be at least 6 characters. Please Re Enter the password. Password and Confirm Password should be same. Please agree to the privacy policy to continue. Please enter the full name. Show Hide
Activate Account

You're Almost Done

ACTIVATE YOUR ACCOUNT

You should receive an email within the next hour.
Click on the link in the email to activate your account.

You won’t be able to log in or purchase a subscription unless you activate it.

Can't find the email?
Please check your Spam or Junk folder.
If you use Gmail, check under Promotions.

Activate Account

Your account linked with johndoe@gmail.com is not Active.

Activate it from the account activation email we sent you.

Can't find the email?
Please check your Spam or Junk folder.
If you use Gmail, check under Promotions.

OR

Get a new account activation email now

Need Help? Contact Customer Care

Activate Account

Account activation email sent to johndoe@gmail.com

ACTIVATE YOUR ACCOUNT

You should receive an email within the next hour.
Click on the link in the email to activate your account.

Once you have activated your account you can continue to log in

You haven't marked anything as a favorite so far. Please select a product Please select a play list Failed to add the product. Please refresh the page and try one more time.