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हंस जयंती महोत्सव 2019 (ट्रेलर) 00:09:15 हंस जयंती महोत्सव 2019 (ट्रेलर) Video Duration : 00:09:15 मुख्य प्रस्तुति के अंत में सीधे हिंदी में श्री प्रेम रावत द्वारा दिया गया 9-मिनट...

आज बहुत ही पावन दिन है कि हमलोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। आप लोग हिन्दुस्तान में या कहीं भी जो एकत्रित हुए हैं हंस जयंती के इस मौके पर। हंस जयंती एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रोग्राम है, क्योंकि जब श्री महाराज जी का शरीर पूरा हुआ, उससे पहले यह प्रोग्राम रखा गया था। और जब मैं — मेरे को यह गद्दी मिली, तब सबसे पहला प्रोग्राम मैंने यही किया — mainly जो, कुछ हरिद्वार में हुए, पर जो मेन प्रोग्राम था। तो इसका अपना एक अलग महत्त्व है। और सन्देश वही है जो हमेशा आता रहा है कि जिस चीज की तुमको तलाश है, वो तुम्हारे अंदर है। पर किस चीज की तलाश है तुमको ? किसको तलाश रहे हो ? क्या तलाश रहे हो ?

 

अभी मैंने जो सुनाया अंग्रेजी में, वो यही सुनाया कि तुम सपने देखते हो, तो तुम्हारा एक तरीके से जो कुछ भी तुम हो, तुम अपने आपको समझो कि तुम एक सपने देखने की मशीन हो और सपने देखते हो। अब सपना देखने के लिए ये नहीं जरूरी है कि तुम सोये हुए हो। नहीं! तुम जीते-जागते भी सपने देखते हो। खाना बनाते वक़्त भी सपने देखते हो, घोड़ी की सवारी करते हो तब भी सपना देखते हो। अपने घर में बैठे रहते हो तब भी सपना देखते हो, बाहर जाते हो तब भी सपना देखते हो।

 

सपना देख रहे हो! क्या सपना है ? कौन नहीं देखता है सपने! क्या सपने देखते हो ?

 

तुम ऐसे हो जाओ, तुम ऐसे हो जाओ, तुम्हारे साथ ये हो जाए, तुम्हारे साथ ये हो जाए, तुम्हारे को खूब पैसे मिल जाएं, तुम्हारे को — तुम्हारी प्रमोशन हो जाए, तुम्हारा टेस्ट पास हो जाए, ये कर लो, वो कर लो, वो कर लो। यही सब सपने देखते हैं। कौन नहीं देखता है ?

 

पर सबसे बड़ी चीज ये है कि तुम्हारा एक सपना हो और वो ऐसा सपना हो जो दुनिया का सपना न हो, जो तुम्हारा हो। सिर्फ तुम्हारा, सिर्फ तुम्हारा! वो एक सपना, जो अगर संभव हो जाए, अगर साक्षात् हो जाए, तुम्हारे जीवन के अंदर आनंद ही आनंद हो। स्वर्ग वाला सपना नहीं, नरक वाला सपना नहीं, बिज़नेस वाला सपना नहीं, पर ऐसा सपना जिसके साकार होते ही तुम्हारे जीवन में आनंद हो। तुम अपने अंदर जाकर के उस चीज को समझ पाओ कि तुम यहाँ हो क्यों ?

 

क्योंकि सपने के बारे में अगर कहा जाए, तो जैसे ही तुम उठे, जगे सपना खत्म। अगर उस तरीके से देखा जाए तो एक दिन जो भी सपना तुम देखते हो, कोई भी हो इस संसार के अंदर बड़े से बड़ा संत हो, महंत हो, कोई भी हो बड़े से बड़ा ऑफिसर हो, पॉलिटिशियन हो, विद्वान हो, बिज़नेसमैन हो, किसान हो, कोई भी हो, कुछ भी करे। जितने भी सपने किसान देखता है, जितने भी सपने कोई भी देखता है राजा देखता है, रंक देखता है। एक दिन जब पृथ्वी ही नहीं रहेगी तो वो सारे सपने अपने-आप ही खत्म ना हो जाएंगे। क्या बचेगा ? कुछ नहीं बचेगा!

 

जिस दिन तुम चले जाओगे तुम्हारे सारे के सारे सपने तुम्हारे, तुम्हारे साथ ही चले जाएंगे। और अभी तक तुमने क्या देखा है ? वही देखा जो किसी और ने देखा है, किसी और का सपना है, किसी और का सपना है, किसी और का सपना है और मैं यही कह रहा हूँ कि तुम्हारा अपना सपना क्या है ? और जब तक तुम उसको नहीं समझोगे कि जो तुम्हारा अपना सपना है, पैसे का नहीं, विद्वानता का नहीं, चीजों का नहीं, पर अपने जीवन का जो सपना है तब तक तुम समझ नहीं पाओगे कि ये सपने क्या हैं ? आते रहेंगे , जाते रहेंगे तुम इनके पीछे लगे रहोगे। सपने हैं! पर जब तुम्हारा ये सपना जो तुम्हारा अपना है, निजी सपना है जब तक ये पूरा नहीं होगा, तब तक आगे बात चलेगी नहीं। यही मैं कहना चाहता था।

 

जैसे ही मौका मिलेगा मेरे को मैं हिन्दुस्तान आऊंगा। अभी तो काफी कुछ यहाँ हो रहा है। और मैं आऊं या ना आऊं सबसे बड़ी बात ये है कि तुम अपने जीवन के अंदर उस परम आनंद की अनुभूति करो। जो ज्ञान मिला है उसका सेवन करो, उसका भजन करो, उसका अभ्यास करो, क्योंकि जब तक हम वो नहीं करेंगे, जिस चीज के लिए हम हैं और सिर्फ वही करते रहेंगे जिस चीज के लिए हम नहीं हैं और उस हालात में अगर हम आनंद की अनुभूति चाहते हैं तो कैसे अनुभूति होगी ? कैसे अनुभूति होगी ?

 

चक्की में अगर कपड़े धोना शुरू कर देंगे, सारे बटन उसके टूट कर आएंगे, फटी — कुर्ता अगर उसमें डाला तो फटा हुआ आएगा, तो दुःख नहीं होगा। क्यों नहीं होगा ? चक्की में अगर पैंट डाल दें, आटा तो नहीं बनेगा उसका पर टूट-टाट जायेगी। सब कुछ टूट जाएगा, फट जायेगी।

 

अब मुनष्य भी तो और क्या कर रहा है ? समय की चक्की में क्या डाल रहा है ?

 

अपने आप को डाल रहा है, उसे दुःख होता है, दर्द होता है फिर वो चिल्लाता है कि मेरे साथ ही ये क्यों हो रहा है, और डाला किसने ? खुद ही कूदता है। कोई अगर यह कहे भी कि मत जा, मत कूद, तो कहेगा — नहीं, मेरे को तो कूदना है। फिर जब दर्द होता है, जब दुःख होता है तो वो फिर सबको कोसता है। मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है, मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है, मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है ?

 

समझें, विचारें और इस जीवन के अंदर जो असली आनंद है, उसका सेवन करें।

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After 52 years of war and conflict in Colombia, relief came in 2016 as both sides agreed to a peace treaty, initiating a series of reconciliation efforts and a chance to rebuild. With the inclusion of the Peace Education Program, Prem’s message is now reaching hearts across the country—bringing hope for a new era of peace, transformation and understanding.

While in Medellin, Prem discusses the perspective of good and bad, shares the simple answer to finding peace, and talks about the value of what lies within each of us.

Available in the Events section of the TimelessToday app and website.

Life Essentials, Episode 4 (Trailer) 00:02:18 Life Essentials, Episode 4 (Trailer) Video Duration : 00:02:18 "Born to Feel," Prem Rawat in Miami
Each day we have a choice: work to conquer the never-ending drama of problems, or focus on true victory–one that comes from knowing yourself.

In this final installment of Life Essentials, Prem explains why he chose the topic, Born to Feel. Afterwards, he sits down with questions from the audience, telling us what inspires him, and where the idea of peace comes from.

98:05 min. total (Part 1, 65:10 & Part 2, 32:55). Available in English in the Events section of the app and website.

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It is often said that “life is a gift” … but only if you accept it and open it! In this truly insightful talk filmed in Nottingham UK, Prem speaks from his heart, then sits down with British actor and comedian Tom Price for a lively exchange while answering questions from the audience.

Enjoy this—and all other episodes in this series. Available in the Events section of the app and website.

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90:25 min. total (Part 1, 54:27 & Part 2, 35:58). Available in English in the Events section of the app and website.

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What does it take to truly “belong?” In the first episode of our four-part series “Life Essentials,” Prem brings his unique—and often humorous—perspective to such life challenges as finding your place, recognizing your strengths—and learning from your mistakes. Recorded in Belfast, Northern Ireland with stand-up comedian Ryan McDonnell as MC, the release includes Prem answering questions texted to him by the audience.

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