लॉकडाउन 50

पीस एजुकेशन प्रोग्राम की ओर अग्रसर (14 मई, 2020)
May 13, 2020
"चाहे आप चाहें, न चाहें, आप अपनी कहानी हर रोज लिख रहे हैं। क्या लिखना चाहते हैं आप इस कहानी में ?" —प्रेम रावत / प्रेम रावत जी "पीस एजुकेशन प्रोग्राम" कार्यशालाओं की वीडियो श्रृंखला को आप तक प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान हम उनके कुछ बेहतरीन कार्यक्रमों से निर्मित लॉकडाउन वीडियो आप के लिए प्रसारित करेंगे।

Once there was a camp of American Indians — काफिला। तो एक दिन एक बच्चा उस काफिले के सरदार के पास जाता है, He goes to the chief. सरदार के पास जाता है और सरदार से कहता है कि ‘‘Chief! मेरा एक प्रश्न है।’’ तो सरदार बोलता है, ‘‘क्या ?’’

तो बच्चा बोलता है कि ‘‘Chief! सरदार! यह बताओ कि यह कैसे संभव है ? How is it posssible that some of the people are good some of the time? यह कैसे संभव है कि कुछ लोग अच्छे होते हैं, कभी अच्छे होते हैं। Some people are good and the same people who are good sometimes are bad the other times. यह कैसे संभव है कि वही लोग, जो कभी अच्छे होते हैं, वही लोग बुरे हो जाते हैं। वही लोग, जो एक-दूसरे के प्रति प्यार जताते हैं, वही लोग एक-दूसरे से दुश्मनी कर बैठते हैं। यह कैसे संभव है ?’’ तो सरदार कहता है कि ‘‘तुम्हारे अंदर दो भेड़िया हैं।’’

भेड़िया समझते हैं न ? Wolf!

There are two wolves inside of you. दो भेड़िया हैं। एक अच्छा भेड़िया है — One good wolf, one is good wolf and one is bad wolf.

एक अच्छा भेड़िया है, एक अच्छा भेड़िया नहीं है। खतरनाक भेड़िया है। और वो दोनों आपस में लड़ते हैं। इसलिए कभी लोग अच्छे होते हैं — वही लोग जो अच्छे होते हैं, दयावान होते हैं, एक दिन दयावान हैं, एक दिन गुस्सा कर रहे हैं। एक दिन मोहब्बत है उनको, एक दिन नफरत कर रहे हैं।’’

तो बच्चे ने कहा, ‘‘ठीक है!’’

थोड़ी देर के बाद वह फिर एक प्रश्न पूछता है, ‘‘सरदार! Chief, tell me something, who wins?

कौन-सा भेड़िया जीतेगा ? अच्छा वाला या बुरा वाला ? “Which wolf will win? Good wolf or bad wolf ?”

तो Chief बोलता है, सरदार बोलता है, “The one you feed.” वो भेड़िया जीतेगा, जिसको तुम खिलाते हो। क्योंकि जिसको तुम खिलाते हो, वो बलवान होगा और जो बलवान होगा, वो जीतेगा।’’

इस कहानी का तुक क्या हुआ ? आपकी समझ में तो आया न ?

You understood that, right! Two wolves inside of you. Good wolf, bad wolf. और उत्तर क्या है कि जिस भेड़िये को तुम खिलाते हो, वही जीतेगा।

This story is not complete. यह कहानी अभी अधूरी है। क्योंकि इस कहानी के बाद एक और प्रश्न आता है। वो बच्चे का नहीं है। वो मेरा है। और मैं आपसे पूछता हूं कि आप किस भेड़िया को खिलाते हैं ? आपके अंदर भी दो भेड़िये हैं। एक अच्छा है, एक बुरा है। आप किसको खिलाते हैं ? बुरे वाले भेड़िये को या अच्छे वाले भेड़िये को ?

तो जो मैंने कहा न कि अंदर क्या हो रहा है ? यह किसी को नहीं मालूम। इसके लिए कोई ऐसी टेक्नोलोजी नहीं है, जिससे कि आदमी मालूम कर सके, मेरे अंदर मैं किस भेड़िये — जो कुछ भी मैं कर रहा हूं, वो किस भेड़िये के पास जा रहा है ? तो लोग लगे हुए हैं और उनको सबको मालूम है कि उनकी जिंदगी में वो क्या चाहते हैं। यह तो सबको मालूम है, क्या चाहते हैं ? कहीं भी आप चले जाइए। You can go anywhere in the world then ask people, what do you want? They know. I want to be like this. I want to be like this.

जो कुछ भी आप कल्पना करते हैं, पाने की कल्पना करते हैं, ताकतवर बनने की कल्पना करते हैं — एक चीज आपके अंदर पहले से ही है। और वह जो चीज आपके अंदर पहले से ही है, वह सबसे ताकतवर है। और वह जो चीज है आपके अंदर, वह है शांति! वह है शांति! तो अब लोगों को ये लगता है कि ‘‘ठीक है जी! आपने कह दिया कि शांति हमारे अंदर है। यह तो हमको भी मालूम था कि शांति हमारे अंदर है।’’ अब ये लोग बहुत — ये बात बहुत बोलते हैं लोग — ‘‘यह तो हमको पहले से ही मालूम था!’’

तो अगर यह आपको पहले से ही मालूम था तो आप प्यासे क्यों घूम रहे थे ? यह तो वो वाली बात हुई कि किसी ने आकर बताया — आपने पूछा कि ‘‘मैं प्यासा हूं, पानी का प्रबंध कर दो!’’ तो किसी ने कहा कि ‘‘जिस कुएं की आपको तलाश है, वह आपके अंदर है।’’ और आप कह रहे हैं, ‘‘हां! यह तो हमको मालूम था कि कुआं हमारे अंदर है!’’

जब आपको पहले से ही मालूम था कि कुआं आपके अंदर है तो आप प्यासे क्यों घूम रहे थे ? काहे के लिए प्यासे घूम रहे थे ? आपको मजा आता है, प्यासे घूमने में ?

जब आपके जीवन में कोई इम्तिहान आता है — यहां कई लोग बैठे हैं, जो स्कूल नहीं जाते अब। या जाते भी हैं तो पढ़ाने के लिए जाते होंगे। अब उनको ऐसा लग सकता है कि ‘‘भाई! इम्तिहान तो हमने तब दिया था, जब हम छात्र थे।’’

नहीं जी! आप चिंता मत कीजिए! आपके जीवन में भी इम्तिहान आते रहते हैं। अभी जिस कक्षा में आप हैं, उस कक्षा में भी आपके जीवन के अंदर इम्तिहान आते रहते हैं। उनको आप हो सकता है, इम्तिहान न कहें, पर समस्या कहें। पर वो इम्तिहान आपके जीवन में आते रहते हैं। और जो बच्चे यहां बैठे हैं, उनको तो मालूम ही है कि उनके तो इम्तिहान और आएंगे। और जब इम्तिहान आएंगे तो बुरा हाल भी होता है। क्योंकि एक ही लक्ष्य है उस समय कि कैसे यह इम्तिहान पूरा हो, मैं पास होऊं और फिर क्या ? फिर क्या ? फिर मेरी सारी जो इच्छाएं हैं — बढ़िया नौकरी लग जाएगी, ये हो जाएगा, वो हो जाएगा।

मैं एक बात कहूं ? जबतक आप जीवित हैं इस दुनिया के अंदर सुख और दुःख दोनों ही आपके आगे-पीछे हमेशा मंडरा रहे हैं। सुख भी और दुःख भी। Till you are alive, both times, good times and bad times are right next to you.

इस जीवन के अंदर उजाला भी है, अंधेरा भी है। ज्ञान भी है, अज्ञान भी है! शांति भी है, अशांति भी है! दोनों चीजें हैं। और यह कभी खतम नहीं होगा। जबतक आप जीवित हैं, यह कभी खतम नहीं होगा।

दो प्रकार की चीजें हैं। एक तो होती है छलनी। चाय के लिए छलनी इस्तेमाल की जाती है। वह करती क्या है ? एक छलनी होती है वह, जो खराब चीज है, उसको तो रख लेती है और जो अच्छी चीज होती है, उसको छोड़ देती है। और दूसरा होता है — छाज! वह क्या करता है। वह उल्टा करता है। जो खराब है, उसको फेंक देता है और जो अच्छा है, उसको रख लेता है। इन दोनों में आप कौन-से हैं ? अच्छा रखने वाले या बुरा रखने वाले ? सोचने की बात है। क्योंकि अगर आप गलत भेड़िये को खिला रहे हैं तो फिर गड़बड़ होगी। वह जीतेगा, वह गुर्रायेगा! यहां कितने लोग बैठे हैं, जिनको गुस्सा आता है ?

तो यहां दो प्रकार के लोग बैठे हैं। एक तो वे, जिनको गुस्सा आता है और वे मानते हैं कि उनको गुस्सा आता है। और दूसरे, जिनको गुस्सा आता है, पर वे मानते नहीं हैं कि उनको गुस्सा आता है। इसलिए मैंने भी अपना हाथ ऊपर कर दिया था। बात है, गुस्सा आता है और गुस्सा किसी को पसंद नहीं है। और गुस्से को कंट्रोल करने की बहुत कोशिश करते हैं लोग। पर चक्कर ये है कि जब गुस्सा आता है तो वह अनाउंस नहीं करता है कि ‘‘मैं आ रहा हूं!’’ सबसे बड़ी दिक्कत यही है गुस्से के बारे में कि जब वह आ जाता है, तब पता लगता है — आ गया! और जाता कब है ? जब उसकी मर्ज़ी आती है। अच्छे-अच्छों को हमने गुस्सा होते देखा है। अच्छे-अच्छों को हमने गुस्सा होते देखा है। लोग हमारे पास आते हैं कि ‘‘जी! हम गुस्से को कंट्रोल कैसे करें ? गुस्से को कंट्रोल कैसे करें ?’’

मैंने कहा कि — मैं कहता हूं लोगों से कि आप गुस्से को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं ? आप गुस्से को कंट्रोल करना चाहते हैं तो क्यों करना चाहते हैं ? भाई! गदहा भी गुस्सा करता है, बंदर भी गुस्सा करते हैं। मोर को भी गुस्सा आता है, शेर को भी गुस्सा आता है। सांप को भी गुस्सा आता है! तो भाई! तुम गुस्से को कंट्रोल करना चाहते हो तो क्यों करना चाहते हो ? और गुस्सा ही एक कंट्रोल की चीज है ?

इस जिंदगी पर भी कंट्रोल है या नहीं ? इस जिंदगी की गाड़ी, इस जिंदगी की गाड़ी में — इस जिंदगी की गाड़ी को कौन कंट्रोल कर रहा है ? तुम कर रहे हो या नहीं ?

लोग कहते हैं, ‘‘भगवान हमारी गाड़ी चलाता है।’’

तो आप जाइए, अपने driving test पर जाइए और जब इंस्पेक्टर साथ बैठा हो, वह कहे कि ‘‘अच्छा! इधर ले जाओ, उधर ले जाओ!’’ कहो, ‘‘हम तो स्टेयरिंग को हाथ भी नहीं लगाएंगे जी!’’

तो अगर आप यह जान लें तो आपकी आस्था में कोई अंतर नहीं आयेगा। पर यह जिंदगी आपको मिली है — यह जिंदगी आपको मिली है और इसको क्या आप सचमुच में चला रहे हैं या नहीं ? तो कंट्रोल क्या है ? क्या आप उस तरफ भी बढ़ रहे हैं कि आपके जीवन के अंदर शांति हो ? क्या आप उस तरफ भी बढ़ रहे हैं कि आपके जीवन में जो आप — जिन लोगों को आप सचमुच में प्यारा समझते हैं — आपकी family! आपकी family! बात करेंगे शांति की — हम बात करते हैं — चलिए! आप अपनी family से चालू करिए! वहां से चालू करिये, जहां वो लोग हैं, जिनसे आपको स्नेह है, जिनसे आपको प्यार है! Those people who you love, start with that.

दुनिया भर के लिए टाइम है, परंतु अपनी family के लिए टाइम नहीं है — मैं लेट हो गया! मैं लेट हो गया, मैं लेट हो गया, मैं लेट हो गया, मैं लेट हो गया। मैं लेट हो गया। और काहे के लिए लेट हो गये ? क्या लेट हो गए ? ताकि और लोगों के साथ बैठ के गपशप मार सकें। अगर आपके पास सिर्फ गपशप के लिए टाइम है, अगर आपकी priority में — आपके जीवन की priority में गपशप है सिर्फ, तो यह स्पष्ट है कि आप वहां कार के steering wheel के पीछे बैठे तो जरूर हैं, पर गाड़ी कोई चला नहीं रहा है। और यह गाड़ी किसी चीज के साथ जरूर जाकर टकरायेगी और उसको कहते हैं — गुस्सा आना! क्योंकि कोई चला नहीं रहा है।

यहां से चालू करिए अपनी कहानी! चाहे आप चाहें, न चाहें, आप अपनी कहानी हर रोज लिख रहे हैं। You are writing your book every single day, what do you want to write in that book? What do you want to say in that book? How beautiful it was, to be alive today? Would you say that? Shouldn't you think every single day that you are alive, that's what you go in your page, it was a beautiful day, thank you.

पर उसके लिए आँखें खोलना जरूरी है। उसके लिए समझना जरूरी है! उसके लिए कम से कम अब — आप चाहते हैं कि और आपका मार्गदर्शन करें, परंतु आप भी तो कुछ अपना मार्गदर्शन कीजिए कि ‘‘मैं अपने जीवन के अंदर ये चाहता हूं और ये मेरे जीवन के अंदर संभव है!’’ तो मैं यह कहना चाहता था आपसे। शांति आपके अंदर है। इसको हासिल करने के लिए क्या करना पड़ेगा ? जो रोड़े हैं, जो दुविधाएं हैं, जो obstacles हैं, इनको निकाल के फेंकना पड़ेगा। इनको निकाल के फेंकना पड़ेगा।

Log In / Create Account




TimelessToday

Log In or Create an Account



OR




Please enter the first name. Please enter the last name. Please enter an email address. Please enter a valid email address. Please enter a password. Passwords must be at least 6 characters. Please Re Enter the password. Password and Confirm Password should be same. Please agree to the privacy policy to continue. Please enter the full name. Show Hide Please enter a Phone Number Invalid Code, please try again Failed to send SMS. Please try again Please enter your name Please enter your name Unable to save additional details. Can't check if user is already registered Please enter a password Invalid password, please try again Can't check if you have free subscription Can't activate FREE premium subscription Resend code in 00:30 seconds
Activate Account

You're Almost Done

ACTIVATE YOUR ACCOUNT

You should receive an email within the next hour.
Click on the link in the email to activate your account.

You won’t be able to log in or purchase a subscription unless you activate it.

Can't find the email?
Please check your Spam or Junk folder.
If you use Gmail, check under Promotions.

Activate Account

Your account linked with johndoe@gmail.com is not Active.

Activate it from the account activation email we sent you.

Can't find the email?
Please check your Spam or Junk folder.
If you use Gmail, check under Promotions.

OR

Get a new account activation email now

Need Help? Contact Customer Care

Activate Account

Account activation email sent to johndoe@gmail.com

ACTIVATE YOUR ACCOUNT

You should receive an email within the next hour.
Click on the link in the email to activate your account.

Once you have activated your account you can continue to log in

You haven't marked anything as a favorite so far. Please select a product Please select a play list Failed to add the product. Please refresh the page and try one more time.