लॉकडाउन — ग्यारहवां दिन

प्रेम रावत के साथ (हिंदी में अनुवादित)
Mar 31, 2020
“चुनौतियां आपके लिए नई नहीं हैं। इस चुनौती को भी स्वीकार करें। इस घनघोर अँधेरे में अपना प्रकाश, अपना आनंद, अपनी आशा, अपनी समझ, अपनी स्पष्टता, अपने हृदय में पायें। और खुश रहें। न केवल खुश रहें, बल्कि फले-फूलें! अच्छा महसूस करें!" — प्रेम रावत जी / प्रेम रावत जी "पीस एजुकेशन प्रोग्राम" की वीडियो श्रृंखला को प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान आपके लिए उनके पूर्व प्रकाशित अंग्रेजी लॉकडाउन वीडियो जो हिंदी में अनुवादित है, प्रस्तुत हैं।

प्रेम रावत:

सबको नमस्कार! उम्मीद है सब ठीक हैं, अच्छे हैं!

मैं आज आपसे बात करना चाहता हूं उम्मीद के बारे में अच्छा महसूस करना। क्योंकि यह ऐसा है जो आप कर सकते हैं। आपको इससे डरना बिल्कुल नहीं है; जी नहीं आपको ऐसा नहीं लगना चाहिए कि "हे भगवान पता नहीं यह सब क्या हो रहा है” — हालांकि यह बहुत बुरी चीज है, लेकिन आपको इससे झुकना नहीं है। आपको जानना होगा कि आप ही हैं अपने खजाने के स्रोत और आपके भीतर एक बहुत कमाल का खजाना है। आपके भीतर उम्मीद है; आपके भीतर स्पष्टता है; आपके भीतर समझ है; और यही वह चीजें है जो आपको इस वक्त चाहिये। मेरा मतलब आपके पास और क्या विकल्प हैं ?

तो कुछ तो होना ही है; सच है आपको महसूस करनी है। मेरा मतलब यही तो है वह कि आप क्या करने वाले हैं ? हालात कुछ ठीक नहीं लग रहे हैं। आप जानते हैं कि हम लगभग पूरा नहीं पर लगभग 8 लाख पार कर चुके हैं, बहुत जल्द हम 10 लाख को भी पार कर जाएंगे और बहुत ज्यादा मृत्यु दर है इतना बुरा नहीं, लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा है मेरी मानिये। और बहुत-सी बुरी खबरें आ रही हैं "यह भी बुरा है; वह भी बुरा है और बाकी सबकुछ" और हां, यह सच है कि हम नेताओं पर इतना ज्यादा निर्भर रहते हैं समाधान देने के लिए और वो लोग बस और उनमें से नेता तो अच्छे हैं, कुछ नेता अच्छे हैं इसमें सवाल नहीं। पर कुछ नेता अपने में व्यस्त हैं और ध्यान नहीं दे रहे फिलहाल कुछ नहीं कर पा रहे वो लोग। क्योंकि वह जो भी करें और वो सिर्फ और ज्यादा भ्रमित हो जाते हैं — मेरा मतलब सच में कोई नेतृत्व नहीं है उनके पास।

तो आगे क्या होगा ? आपको दूर ही रहना है हां, स्थिति इतनी अच्छी नहीं है। "पैसा कहां से आने वाला है ? नौकरियों की सुरक्षा कहां से मिलेगी ? इन सारी बातों का क्या होने वाला है ?" जी हां, यह अच्छे सवाल हैं। सच में बहुत अच्छे सवाल हैं और मैं क्या कर सकता हूं ? मैं कोई कारखाना खोलकर सबको नौकरियां नहीं दे सकता हूं — काश मैं ऐसा कर पाता। तो मैं क्या कर सकता हूं ? अब शायद मैं आपको उम्मीद का एक स्रोत बता सकता हूँ, स्पष्टता का एक स्रोत, समझ का एक स्रोत, रोशनी का एक स्रोत, जो आपके भीतर है। हालांकि ऐसा नहीं है कि आपके सभी सवालों के जवाब मिल ही जाएंगे, लेकिन आप एक इंसान के नाते कहीं ज्यादा पूर्ण हो जाएंगे, आगे बढ़ने को ज्यादा तैयार होंगे आप, इस कोरोना वायरस से लड़ने में ज्यादा सक्षम होंगे आप, असल में चाहे जो भी हो उसका सामना कर पाएंगे और यह कमाल की बात होगी।

यह कितना अच्छा होगा ना, क्योंकि जीवन में बुरे दिन तो आते ही हैं, वह बात जिससे कोई भी खुश नहीं रहता। बातें जो हमें पसंद नहीं हैं, वो होती हैं और जब वो होती हैं हम गिर जाते हैं। हम कहते हैं कि "हे भगवान अब क्या होने वाला है ?" और यही सब तो है असल सवाल कि "अब क्या होने वाला है ? मैं बर्बाद हूं; मैं खत्म हो गया हूँ; मैं ऐसा हूं; मैं वैसा हूँ!" और कितना आसान है हम लोगों के लिए नकारात्मकता की ओर चले जाना और शायद हम कहते हैं कि "अब यही हमारी सच्चाई है!" लेकिन एक और सच्चाई भी है और मैं आपको उस सच्चाई से अवगत करवाऊंगा। इस बुरी स्थिति में इतने अंधकार के बीच में भी आपको असल में क्या होना चाहिए, एक रोशनी की किरण और एक बात कहूं और यह रही अच्छी खबर वह रोशनी, वह किरण, वह स्रोत आप में हैं — आप ही हैं वह देवदूत जो आए हैं और जो कि बचाएगा अपने आपको आप ही! आप ही वह आशा की किरण हैं जिसे आप ढूंढ रहे हैं, वह उम्मीद, वो पता होना कि "हाँ यह रही वो किरण!" और जब आप समुद्र में जाते हैं और आप जमीन देखते हैं तो अलग खुशी मिलती है। यह एक अलग ही भावना होती है — आप जमीन देख सकते हैं। आप जानते हैं कि आप कहां हैं "यह रही जमीन और अगर कुछ होता है तो हमें इस जगह जाना है; हम यहीं पर जाएंगे।" लेकिन जब आप और आगे बढ़ते हैं और कोई जमीन नहीं होती और आप देखते हैं सिर्फ पानी, पानी और पानी हर जगह, पानी, पानी, पानी हर एक जगह पर और यह सब एक जैसा ही दिखता है! हां बिल्कुल सब एक जैसा ही दिखता है तो "हम कहां जा रहे हैं ?"

अब इस क्षण में आपको एक बात पर ध्यान देना होगा और अगर आपके पास अच्छा नहीं है। ऐसा कुछ भी अगर आपके पास कम्पस नहीं है — क्योंकि वह कम्पस हमेशा चुंबकीय उत्तर की दिशा में दिखाएगा और चुंबकीय उत्तर क्या है ? यह आपको बताता है कि "यहां उत्तर उस दिशा में है और आपको इस दिशा में पूरब में देखना है और उसी दिशा में जाएं और पूरब में जाएं और फिर आप दक्षिण में जाएंगे और फिर आप पश्चिम में जाएंगे और आपको उत्तर जाना होगा तो इस तरफ घुमियेगा, बस कम्पस की मानिये।" आपके पास कम्पस है ? जी हां, आपके पास एक कम्पस है आपके ही भीतर, यहाँ नहीं वहां पर — वह कम्पस जो हमेशा सच्चाई की ओर दिखाता है। केवल सच्चाई! सच्चाई है कि "आप जीवित हैं" सच्चाई है "आपका अस्तित्व" और जबतक आपका अस्तित्व है आपके पास कमाल की उम्मीद है आप जो चाहें वह कर सकते हैं। आपको जो भी पसंद ना हो वह आप बदल सकते हैं यह है संभावना।

एक उदाहरण जो मैं हमेशा देता हूं — जानते हैं राम के जीवन में सबकुछ अच्छा नहीं था। कुछ हजार वर्ष पहले उनके जीवन में सबकुछ अच्छा नहीं था — आपने कहानी तो सुनी है जिस दिन उनका राज्याभिषेक होना था उनको कह दिया गया कि "आपको राजा नहीं बनाएंगे पर आपको 14 वर्षों के वनवास के लिए चले जाना है।" जी हां, 14 वर्षों तक के वनवास के लिए! उनकी बस अभी-अभी शादी हुई थी और उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि "सुनो सीता मैं तुमसे 14 वर्षों के बाद मिलूंगा।" तो उन्होंने कहा "जी नहीं मैं आपके साथ ही आउंगी।" और उन्होंने अपने भाई को देखा तो वह भी बोले "हाँ भैया मैं आपके साथ ही रहूंगा।"

तो यह तो बहुत बुरा था, है ना! आप राजा भी नहीं बनेंगे और आपको वनवास के लिए भी 14 वर्षों के लिए वन में जाना है, आपको वहीं पर रहना है, कोई तकनीकी नहीं, अब आपको इस जंगल में जाना है, आप कहां जा रहे हैं ? किसी एक जगह नहीं बस घूमते रहना है, खाना ढूंढना है सच में! पेड़ों से खाना या झाड़ियों से कोई बेर, फल, सब्जियां जो भी आपको मिले वो। यह है वनवास! क्या इससे और बुरा हो सकता है ? जी हाँ और बुरा होता है। क्या होता है फिर ?

अब इस सबके बीच में सीता जी का अपहरण हो जाता है और उन्हें रावण उठा ले जाता है और चला जाता है लंका। अब राम को यह भी नहीं पता कि सीता कहाँ है। तो वह कुछ लोगों से मिलते हैं और उनको पता लगता है कि "देखिये सीता लंका में है। रावण उन्हें वहां ले गया है तो आप वहां क्यों नहीं जाते ?" फिर वह चले जाते हैं और आपको लगेगा यह काफी बुरा है ? जी नहीं, अब इसके आगे और क्या होने वाला है ? यह राजा, रावण, लंका का राजा, वह बहुत ताकतवर है, विशाल है, वह शक्तिशाली है। वो युद्ध कैसे हो पाएगा ? उसकी तो सेना है; राम के पास कोई सेना नहीं है। राम के पास कोई सेना नहीं है। रावण की बहुत बड़ी सेना है और सिर्फ इतना ही नहीं रावण की सेना में दैत्य हैं, राक्षस! तो अब राम इस चुनौती का सामना कैसे कर पाएंगे किस तरह से ?

तो बातें बिगड़ती जाती हैं, बिगड़ती जाती हैं, बिगड़ती जाती हैं, बिगड़ती जाती हैं, लेकिन राम उम्मीद नहीं हारते। वह हार नहीं मानते। वह खुद को संभालते हैं और एक सेना इकट्ठी करते हैं और वह — इस बात पर आप हंसना मत शुरू कीजिएगा — जो सेना राम इकट्ठी करते हैं उसमें वानर और भालू हैं। जी हां, और उनके पास पुल बनाने की कोई तकनीक नहीं है, तो वह पत्थर लेते हैं और वह उनसे एक पुल बनाते हैं ताकि लंका जा पाएं, इस टापू पर, लंका जाने के लिए। उम्मीद न हारना बहुत जरूरी हो जाता है और उम्मीद हारने की कोई वजह नहीं है और इसलिए आपको वह कंपस चाहिए। वह कम्पस जो हमेशा एक दिशा में दिखाता है कहते हुए कि "वह रही, वह रही, वह रही आपकी किरण, वह रही आपकी रोशनी, वो रही, वो रही, वह है जहां आपको जाना है।” आपको हारना नहीं है। आपको झुकना नहीं है, आपको नकारात्मकता से डरना नहीं है, यह बहुत-सी बार ऐसा होगा।

पता है जब हमें नकारात्मकता ही दिखती रहेगी "अरे यह समस्या है, वह समस्या है", लोग डरे हुए हैं और फिर आप समझते हैं, जानते हैं कि सोशल मीडिया मददगार नहीं है। इससे कोई भी मदद नहीं मिलती है और आपको वह फैसला लेना है, आपको समझना है कि क्या है नकली और क्या है असली। और मैं यहाँ आपको बुराई के बारे में बताने नहीं आया, मैं आपको अच्छाई के बारे में बताने आया हूँ। हमेशा आपको बताने कि जीवन में आपके एक संभावना है कि आप पूर्ण हो सकते हैं। संभावना है कि आगे बढ़ सकते हैं आप सब लोग हमेशा, हमेशा जबतक यह स्वांस आप में है आप आगे बढ़ते रहें। यह कितना कमाल है, यह कितना अद्भुत है कि इस वक्त में भी जब सारी उम्मीद खत्म हो जाती है और बहुत सारे लोग मुझे भरोसा है बैठे हुए हैं कि "हे भगवान क्या पता इससे बुरा तो और कुछ हो नहीं सकता।” हाँ शायद, इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता पर इसकी वजह से आपको ज्यादा प्रयास करना है। ये और प्रयास करने की बात पर — आपके साथ क्या-क्या हुआ था जब आप पैदा हुए थे ? क्या आपको पता है आपके साथ क्या हुआ था ? आपने क्या कुछ झेला है मुझे किसी ने बताया यह रॉकेट के चलने जैसा है, एक बहुत बड़ा रॉकेट चलता है इतनी ताकत लगती है इसमें — आप इतनी ताकत लगाते हैं गर्भ से बाहर आने के लिए इस दुनिया में।

जो बदलाव आप देखते हैं सच में, जो शायद करोड़ों सालों के बाद हुआ है वो एवोलूसशन कि पानी में पूरी तरह से डूबे हुए होने से लेकर ऑक्सीजन तक ऐसा सिर्फ कुछ घंटों में ही हो जाता है और इसमें खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसमें काफी खतरा होता है। सबकुछ आपके विरुद्ध होता है, एक तरह से सबकुछ आपके विरुद्ध होता है। आप कमजोर हैं; आप हल्के हैं; आप इस दुनिया में पहले कभी नहीं आए होते और अनजान होने की बात करें तो आप कदम रखते हैं। आप जा रहे हैं एक अनजान जगह पर बिल्कुल आपको कुछ नहीं पता। आपका दिमाग भी काम नहीं कर रहा, उस तरह नहीं जैसे काम करना चाहिए जब आप फैसले ले सकते हैं और ऐसे ही बाकी चीजें यह बस एक एहसास है और आप आगे बढ़ते हैं और इसमें यह कमाल की ताकत लगती है और आप गर्भ से बाहर आते हैं। इतना सारा पानी होने के साथ और मां पर निर्भर होने के अलावा और मां से जुड़ा होना उस अम्बिलिकल कॉर्ड के जरिए आपको सबकुछ अपने आप करना होता है। आपको अपने आप स्वांस लेनी होती है।

तो आपको यह बताने की वजह क्या है ? आप मुश्किलों से जूझ चुके हैं। आपने संकट पहले भी देखे हैं तो इस चुनौती का सामना करें और इस बेहद अंधकार भरे समय में भी अपनी रोशनी को खोजिये, खुशी को ढूंढिए, उम्मीद ढूंढिए; समझ ढूंढिए; स्पष्टता ढूंढिए अपने हृदय में और आपका अस्तित्व जी हां, और सिर्फ रहिये नहीं विकास कीजिए, अच्छा महसूस करें और कृतज्ञता रखें! तीन बातें — खुद को जानें, जीवन सचेतना से जीयें और हृदय को कृतज्ञता से पूर्ण रखें। इन्हें मत भूलिए, इन्हें मत भूलिए ये बहुत ही जरूरी बातें हैं। जानिए कि आप कौन हैं क्यों ? ताकि आपको पता हो कि ये खजाना आपके भीतर है इससे आपको और शक्ति मिलेगी; यह आपको सशक्त करेगा आगे बढ़ने के लिए आपको यही तो करना है। इससे अच्छा है कि आप पागल हो जाते हैं कि "हे भगवान जानते हैं अब मैं कहां जाऊंगा और दिमाग काम करना और सोचना बंद कर देता है मुझे वहां जाना है, मुझे यहां जाना है।”

देखिये आप ही अपनी परिस्थिति के निर्माता हैं या तो आप खुद के लिए स्वर्ग बना सकते हैं या फिर अपने लिए नरक बना सकते हैं यह आपके ऊपर है। मेरा सुझाव क्या है ? अपने लिए स्वर्ग बनाइये, उसकी स्थापना कीजिये और मज़े करें। आनंद लें! सभी बातों का! अस्तित्व की खुशी इस पर विचार करें! इस पर विचार करें कि धरती हजारों-हजारों मील प्रति घंटे की रफ्तार से घूम रही है और हम बिल्कुल सुरक्षित हैं। यहाँ सब कुछ ठीक है। आप समझिये इसे यह स्वांस आप में आ रही है यह आपकी ताकत है बाकि सबसे ज्यादा शक्तिशाली है।

तो उम्मीद है आपका दिन अच्छा बीते और बढ़िया तरीके से बीते। आप सुरक्षित रहें; सेहतमंद और खुश रहें। यह सब बहुत जरूरी है, जी हां!

मैं आपसे फिर मिलूँगा। धन्यवाद!

Log In / Create Account




TimelessToday

Log In or Create an Account



OR




Please enter the first name. Please enter the last name. Please enter an email address. Please enter a valid email address. Please enter a password. Passwords must be at least 6 characters. Please Re Enter the password. Password and Confirm Password should be same. Please agree to the privacy policy to continue. Please enter the full name. Show Hide Please enter a Phone Number Invalid Code, please try again Failed to send SMS. Please try again Please enter your name Please enter your name Unable to save additional details. Can't check if user is already registered Please enter a password Invalid password, please try again Can't check if you have free subscription Can't activate FREE premium subscription Resend code in 00:30 seconds
Activate Account

You're Almost Done

ACTIVATE YOUR ACCOUNT

You should receive an email within the next hour.
Click on the link in the email to activate your account.

You won’t be able to log in or purchase a subscription unless you activate it.

Can't find the email?
Please check your Spam or Junk folder.
If you use Gmail, check under Promotions.

Activate Account

Your account linked with johndoe@gmail.com is not Active.

Activate it from the account activation email we sent you.

Can't find the email?
Please check your Spam or Junk folder.
If you use Gmail, check under Promotions.

OR

Get a new account activation email now

Need Help? Contact Customer Care

Activate Account

Account activation email sent to johndoe@gmail.com

ACTIVATE YOUR ACCOUNT

You should receive an email within the next hour.
Click on the link in the email to activate your account.

Once you have activated your account you can continue to log in

You haven't marked anything as a favorite so far. Please select a product Please select a play list Failed to add the product. Please refresh the page and try one more time.